khushiyan

सोमवार, 15 अक्टूबर 2012

कल मैंने आप सबसे अपनी माँ की खूबियों को साझा किआ था ,आज अपने ब्लॉग के दूसरे पृष्ठ को  मै  अपने पापा को समर्पित करना चाहती हूँ ,,किसी भी लड़की के लिए पापा उसकी जिन्दगी के पहले पुरुष होते हैं ,जिनकी ऊँगली पकड़ कर वो हर मुश्किल राह पर आगे बढ़ जाती है,,ये मेरा अपना व्यक्तिगत अनुभव है कि ,हर कामयाब स्त्री की जिन्दगी में उनके पिता का बहुत योगदान होता है ,,,,
          मै बहुत  किस्मत  वाली हूँ जिसे अपने पिता का बहुत सारा स्नेह व दुलार मिला ..आजमै  अपनी कविता की कुछ पंक्तियाँ अपने पिता को समर्पित करना चाहती हूँ
                       
                             अन्तर्मन की हर हलचल को तुमने दिया किनारा है ,
                          कैसे बताऊँ पापा तेरा आलम्बन कितना प्यारा है ...
                            जीवन की हर कठिन डगर पर तुमने दिया सहारा है ,,
                           कैसे बताओं पापा तेरा आलम्बन कितना प्यारा है .....

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